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पटना:मुख्यमंत्री ने 48वीं जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता 2022 का दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 48वीं जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता 2022 का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। पाटलिपुत्र इंडोर स्टेडियम, पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग में आयोजित इस चार दिवसीय 48वीं जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता में 28 राज्यों के प्रतिभागी शामिल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ पर 48वीं जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता 2022 का आयोजन किया गया है। देश के विभिन्न राज्यों से आयी खिलाड़ी इसमें शामिल हैं। सभी खिलाड़ियों एवं खेल से जुड़े पदाधिकारियों का मैं स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। इस आयोजन के लिए मैं बिहार राज्य कबड्डी एसोसिएशन को धन्यवाद देता हूं कि उनके द्वारा जूनियर बालिका कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। बिहार राज्य कबड्डी एसोसिएशन का गठन वर्ष 1998 में हुआ था। इस संस्था के द्वारा अनेक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें से कई आयोजनों में मुझे भी शरीक होने का मौका मिला है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे याद है कि वर्ष 2009 में सब जूनियर नेशनल कबड्डी बालक-बालिका प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। हमलोगों ने पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए इस जगह का चयन किया और बाद में इसका नामकरण किया गया। पाटलिपुत्र सबसे पौराणिक और ऐतिहासिक जगह है। पटना में यहीं पर पहली बार वर्ष 2012 में महिला कबड्डी विश्व कप का आयोजन किया गया, जिसमें 16 देशों की महिला टीमों ने भाग लिया था। यह बिहार राज्य कबड्डी एसोसिएशन के लिए काफी महत्त्वपूर्ण अवसर था । उसके बाद वर्ष 2019 में पटना में महिला नेशनल कबड्डी का आयोजन हुआ, जिसमें सभी राज्यों की महिला टीमों ने भाग लिया। आज यहाँ जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, जिसमें आज आने का हमें मौका मिला है। मुझे काफी खुशी हो रही है कि मुझे पुनः यहाँ आने का मौका मिला है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि कबड्डी को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है, यह काफी खुशी की बात है। बिहार में यह बहुत लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी बहुत जरूरी है। बिहार से बहुत लोग बाहर खेलने जा रहे हैं और सबको पुरस्कार भी मिल रहा है, यह खुशी की बात है। आज हमलोगों ने जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी बालिका प्रतियोगिता – 2022 की शुरुआत कर दी है। इसमें अनेक राज्यों से बच्चियां आई हैं, मैं उन्हें बधाई देता हूँ। आप सभी खूब अच्छा खेलिये और आगे बढ़िये ।

अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से जो प्रतिभागी खिलाड़ी यहाँ आई हैं. उनका विशेष रूप से ख्याल रखें ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जिलाधिकारी एक-एक चीज पर गौर करें कि खिलाडियों को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सह स्पोट्र्स एकेडमी का निर्माण कराया जा रहा है। राजगीर एक पौराणिक, ऐतिहासिक एवं अंतराष्ट्रीय स्थल है। सबसे पहले पूरे देश की राजधानी राजगीर में ही थी, बाद में पाटलिपुत्र में स्थानांतरित हुई। हमलोगों ने बिहार में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना कराने का भी निर्णय लिया है। राजगीर में ही एकेडमी और विश्वविद्यालय भी रहेगा जहाँ खेल के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था रहेगी। इस देश में खेल-कूद के लिए राजगीर एक ख़ास स्थल होगा। बिहार में खेल कूद को बढ़ावा देने के लिए काम किये जा रहे हैं। इसके लिए प्रखंड स्तर पर स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है और अब तक 165 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण कराया जा चुका है। हम चाहते हैं कि यह काम जल्द से जल्द पूरा हो। हमलोगों ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का काम भी शुरू किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब तक 235 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में जब हम रेल मंत्री थे तो खिलाड़ियों के लिए रेल मंत्रालय से नियम बनाकर खेल को सरकारी नौकरी से भी संबद्ध किया है। तेजस्वी प्रसाद यादव का स्पोर्ट्स से बचपन से संबंध रहा है इसलिए खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान रखें। खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर से प्रयत्न किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की याद में खेल दिवस के अवसर पर सामान्य एवं दिव्यांग श्रेणी के 230 खिलाड़ियों और छह प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। टोक्यो पारालम्पिक 2020 में पुरुष ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने वाले वैशाली जिला के प्रमोद भगत को (पुरुष एकल एसएल 3 वर्ग में) एक करोड़ रुपये, टोक्यो पारालम्पिक 2020 में पुरुष ऊंची कूद में कांस्य पदक जीतने वाले शरत कुमार को 50 लाख रुपए और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 बर्मिंघम में लॉन बॉल (मेनफोर्स इवेंट ) में रजत पदक प्राप्त करने वाले टीम के सदस्य मुंगेर के निवासी चंदन कुमार को 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गयी । सभी काम हमलोग कर रहे हैं। पढ़ने के साथ-साथ खेल कूद भी जरूरी है। खेलने से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और जानकारी के साथ-साथ काम में दिलचस्पी भी बढ़ेगी। बिहार में कितना बढ़िया काम हो रहा है। अपने-अपने राज्यों में जाकर आप सभी बताइयेगा। मैं आप सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामनायें देता हूँ। केंद्र से बिहार को जितनी मदद मिलनी चाहिए, वह नही मिल रही है, फिर भी हमलोग सभी काम अच्छे ढंग से कर रहे हैं। बाहर से लोग जब यहाँ आयेंगे तो हमारे बच्चे-बच्चियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आप लोग यहां पर पधारे हैं मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूँ। 

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री शतेजस्वी प्रसाद यादव, मंत्री कला, संस्कृति एवं युवा जितेन्द्र कुमार राय, बिहार राज्य कबड्डी संघ के अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह एवं सचिव कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बंदना प्रेयसी ने भी संबोधित किया। संबोधन के पश्चात् कलाकारों द्वारा बिहार गौरव गान की प्रस्तुति दी गई।

इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव एवं बिहार राज्य कबड्डी संघ के अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह ने प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। कला संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी एवं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण ने भी संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार आलोक कुमार मेहता, पूर्व मंत्री एवं बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दिकी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्षा मृदुल भदौरिया, अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी फेडरेशन के निदेशक के0 जगदीश्वर यादव, छात्र युवा कल्याण के निदेशक विनोद सिंह गुंजियाल, जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो, सचिव बिहार राज्य कबड्डी संघ कुमार विजय सिंह, छोटू सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न राज्यों से आये प्रतिभागीगण, प्रशिक्षकगण एवं खेल से जुड़े पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


कार्यक्रम के पश्चात् पत्रकारों द्वारा पूर्व मंत्री कार्तिक कुमार के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनका इस्तीफा हो गया है, आप सब जानते हैं। बी०पी०एस०सी० के अभ्यर्थियों को राहत देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एक बार में ही बी०पी०एस०सी० की परीक्षा होगी। कल ही हमको मालूम हुआ तो हमने तत्काल इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया। अब एक ही बार में बी०पी०एस०सी० की परीक्षा होगी।


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