श्री बंशीधर नगर: सिस्टम ने शिक्षा को मजाक बनाया, विषयवार शिक्षक का अभाव, छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे

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श्री बंशीधर नगर : सिस्टम ने शिक्षा को मजाक बना दिया है। जिसका खामियाजा छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। स्कूलों में जिस विषयों की नियमित पढ़ाई होती है उसके विषयवार शिक्षक नहीं है।

जिन विषयों की पढ़ाई नहीं होती और स्कूल में उक्त विषय के शिक्षक का पद भी स्वीकृत नहीं है और एक भी छात्र नहीं हैं, उक्त विषय के शिक्षक वर्षों से स्कूलों में पोस्टेड हैं।

श्री बंशीधर नगर अनुमंडल मुख्यालय में स्थित प्लस टू हाईस्कूल एवं हाईस्कूल चितविश्राम इसका उदाहरण है। प्लस टू हाईस्कूल में ज्योग्राफी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू व हाईस्कूल चित्तविश्राम में मैथ, साइंस, संस्कृत एवं उर्दू विषय के शिक्षक नहीं हैं।

छात्र नहीं होने के बाद भी पोस्टेड हैं अरबी के शिक्षक

अलबत्ता दोनों स्कूलों में अरबी विषय की पढ़ाई नहीं होती है। विद्यालय में अरबी शिक्षक का पद भी स्वीकृत नहीं है और न ही तो श्री बंशीधर नगर अनुमंडल में अरबी पढ़ने वाले बच्चे हैं। उसके बाद भी विभाग की ओर से अरबी के शिक्षकों की पोस्टिंग उपरोक्त दोनों स्कूलों में की गई है। जिनके वेतन आदि मद में भारी भरकम राशि खर्च हो रही है।

सवाल उठता है कि विषय से हटकर बिना छात्र वाले विषय के शिक्षक की पोस्टिंग करने का औचित्य क्या है? आखिर ये शिक्षक विद्यालय में करते क्या हैं? बिना काम के प्रतिवर्ष सरकारी खजाने से लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक प्लस टू हाईस्कूल में विगत 12 वर्षों से अरबी मो हमीदुल्लाह व हाईस्कूल चित्तविश्राम में तनवीर आलम बतौर अरबी शिक्षक पोस्टेड हैं। जिसका लाभ न तो छात्रों को हो रहा है और न ही तो सरकार को।

दोनों स्कूलों के हेडमास्टरों ने विभाग को पत्र लिखकर विषयवार शिक्षकों की पोस्टिंग करने का अनुरोध किया है। दोनों स्कूलों में विषयवार शिक्षक के अभाव में भगवान भरोसे पढ़ रहे छात्रों का भविष्य संवरने के बजाय अंधकारमय प्रतीत होता है।


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