गढ़वा: अल्पसंख्यक स्कूल खोल कर आदिवासियों का जमीन लूटना चाहती है प्रशासन

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अल्पसंख्यकों के लिए स्कूल तो आदिवासियों की जमीन पर क्यों।


अतुलधर दुबे

गढ़वा: सदर प्रखंड के फरटिया पंचायत के उरांव टोला में प्रस्तावित अल्पसंख्यक स्कूल खोलने के प्रस्ताव का आदिवासी समुदाय के लोगों ने विरोध किया है.आदिवासी समुदाय के उरांव और चौधरी जाति के लोगों ने कहा कि गढ़वा जिले में कई जगहों पर गैरमजरूआ जमीन है.सभी जमीन को छोड़कर जिला प्रशासन आदिम जनजाति के जमीन को क्यों हर अपना चाह रही है.उन्होंने कहा कि पहले ही डेंटल कॉलेज बनाने के नाम पर कई एकड़ जमीन उनका लूट गया है लोगों ने कहा कि खाता संख्या 160 और प्लॉट संख्या 700 में अधिकाश उरांव और चौधरी का जमीन है.उक्त जमीन से ही उराव और चौधरी दोनों का परिवार चलता है.उन्होंने बताया कि किसी का एक डिसमिल किसी का 2 डिसमिल हिस्से पर जमीन मिला हुआ है लोगों ने बताया कि वर्षों से उनके दादा परदादा उप जमीन पर खेती बाड़ी करते आ रहे हैं.1980 में की गई सर्वे में उक्त जमीन को उनके परदादा के नाम भी किया गया पर आज अचानक एक साजिश के तहत अल्पसंख्यकों के बच्चों को पढ़ने के लिए यहां स्कूल खोलना बहुत बड़ी साजिश है.उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अमीरों की जमीन छोड़कर गरीबों की जमीन हड़पना चाहती है.लोगों ने कहा कि कई ऐसे उरांव और चौधरी परिवार हैं.जिनका परिवार इस जमीन से ही चलता है और आने वाले दिन में इसी में घर बनाकर जीवन बसर कर सकते हैं.क्योंकि इसके अलावा उनके पास और कोई जमीन नहीं है.ग्रामीण रामप्रवेश राम,राम नाथूराम, विनोद उरांव,बूट अनुराग,उदय उरांव, राम जी राम, रामपति उरांव, सूरज उरांव,अनिल उरांव, सत्येंद्र उरांव ने बताया कि उनके पास जमीन नहीं है.जहां वे अब भी रहते हैं.हां परिवारों की संख्या बढ़ गई है.ऐसे में उक्त जमीन मिले एक 2 डिसमिल जमीन ही उनका भरोसा है.उक्त लोगों ने कहा कि अगर उनका यह जमीन छीन गया तो वह बेघर हो जाएंगे.लोगों ने बताया कि स्कूल बनाने की प्रस्ताव कब पारित कर दी गई. किसी को पता नहीं है एक साजिश के तहत उक्त जमीन पर स्कूल बनाया जा रहा है.ग्रामीण बताया कि खाता संख्या 160 के बगल में है.अल्पसंख्यक समुदाय के सैकड़ों एकड़ जमीन गैरमजरूआ है पर उस जमीन पर अल्पसंख्यक विद्यालय ना खोल कर आखिर एक गरीब परिवार के ही जमीन पर विद्यालय क्यों खोला जा रहा है।


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